ॐ जय शिव ओंकारा जय शिव ओंकारा
ब्रह्म विष्णु सदां शिव अर्द्धांगी धारा || ॐ हर हर महादेव ||

एकानन चतुरानन पंचानन राजै
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजै || ॐ हर हर महादेव ||

दो भुज चारू चतुर्भुज दश भुजते सोहे
तीनो रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे || ॐ हर हर महादेव ||

अक्षयमाला बन माला रुंड माला धारी
त्रिपुरारी असुरारी शाशिमाला धारी || ॐ हर हर महादेव ||

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुडादिक भूतादिक संगे || ॐ हर हर महादेव ||

कर के मध्य कमंडल चक्रत्रिशुल धरता
सुखकर्ता दुखहर्ता जग-पालन करता || ॐ हर हर महादेव ||

ब्रम्हा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका
प्राणावकशर में शोभित तीनो एका || ॐ हर हर महादेव ||

त्रिगुण स्वामी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानन्द स्वामी मन वांछित फल पावे || ॐ हर हर महादेव ||

https://i1.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/02/bholenath.jpg?fit=279%2C180https://i1.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/02/bholenath.jpg?resize=150%2C150adminआरती संग्रहartiॐ जय शिव ओंकारा जय शिव ओंकारा ब्रह्म विष्णु सदां शिव अर्द्धांगी धारा || ॐ हर हर महादेव || एकानन चतुरानन पंचानन राजै हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजै || ॐ हर हर महादेव || दो भुज चारू चतुर्भुज दश भुजते सोहे तीनो रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे || ॐ हर हर महादेव || अक्षयमाला बन माला...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara