ये दुनिया जिस ढाई अक्षर के ,
नाम मे उलझी है..!
लोग उसे प्यार कहते है….
और हम जिस ढाई अक्षर मे उलझें है ,
उसे श्याम कहते है..!!
जय श्री श्याम..

हारने ना देता अपने भक्तों को कभी,

हर कठिन से कठिन परिस्थिति टल जाता है..

जिनको भरोसा मेरे बाबा का,
वो हर पल खुशियां मनाता है..।।?




? बन कर मेरा साया… मेरा साथ निभाना “मेरे श्याम”

मैं जहाँ – जहाँ जाऊँ… तुम वही – वही आना “मेरे श्याम”।

साया तो छोड़ जाता है… साथ अँधेरे में

लेकिन तुम अँधेरे में… मेरा उजाला बन जाना “मेरे श्याम”।।?

? जय श्री श्याम जी ?
? राधे राधे जी ?

https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/shyam-baba-1.gif?fit=1024%2C414https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/shyam-baba-1.gif?resize=150%2C150adminश्याम शायरी#quotation,#quotes in hindi,#shyam_baba_status,shri shyam baba quotes,shyam baba ki shayari in hindi,shyam baba quotes in hindi,shyam baba shayariये दुनिया जिस ढाई अक्षर के , नाम मे उलझी है..! लोग उसे प्यार कहते है.... और हम जिस ढाई अक्षर मे उलझें है , उसे श्याम कहते है..!! जय श्री श्याम.. हारने ना देता अपने भक्तों को कभी, हर कठिन से कठिन परिस्थिति टल जाता है.. जिनको भरोसा मेरे बाबा का, ...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara