“नयनों से नैन मिलाकर;मोहब्बत का इजहार करूँ।
“बन कर ओस की बुँदे;जिन्दगी तेरी गुलजार करूँ।
“संवर जाएगी तेरी मेरी जिन्दगी;इश्क के सफर में।
“थाम ले तू हाथ मेरा;मैं तेरे हर वादे पे ऐतबार करूँ।

दीदार की आग जब भङकने लगती है
तुझे देखने को आँखें तरसने लगती है,
मेरे सांवरिया कब होंगे तेरे दर्शन,
तेरी याद मे आँखे बरसने लगती है
जिन नैनो में श्याम बसे,
दूजा कौन समाय..
पलके गिरे या पलके उठे,
मुझे श्याम ही नज़र आये..




???मंदिर में गये तो पत्थर पडा था
मस्जिद गये तो ख़ाली पडा था
चर्च गये तो सूली पर खड़ा था
और गुरुद्वार गये तो ढका हुआ था
मगर सत्संग में गये तो मालूम पड़ा कि वो तो अंग संग खड़ा था?जय श्री राधेकृष्णा?

 

https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/a4f2b06d-27ea-4f88-b6db-d65f3a73938f-1.jpg?fit=662%2C960https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/a4f2b06d-27ea-4f88-b6db-d65f3a73938f-1.jpg?resize=150%2C150adminश्याम शायरी#quotation,#quotes in hindi,#shyam baba ki shayari,#shyam_baba_status,shyam baba quotes in hindi,shyam baba shayari'नयनों से नैन मिलाकर;मोहब्बत का इजहार करूँ। 'बन कर ओस की बुँदे;जिन्दगी तेरी गुलजार करूँ। 'संवर जाएगी तेरी मेरी जिन्दगी;इश्क के सफर में। 'थाम ले तू हाथ मेरा;मैं तेरे हर वादे पे ऐतबार करूँ। दीदार की आग जब भङकने लगती है तुझे देखने को आँखें तरसने लगती है, मेरे सांवरिया...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara