“चूम “लू उस” राह “को
जो तेरे “दर” पे लेके जाती है।
“टेक “लू” माथा “उस हर “मोड़” को
जो तेरे “दर “का “रास्ता” बताती “है
“वार” दू अपनी “जिंदगी “उस धरती के “फूलों “पे
जो अपनी ” खुश्बू” से मेरे “श्याम” को “महकाती” है

कई देवता इस दुनिया में है सब के रूप सुहाने है ???
खाटू में जो सजकर बैठे है हम उनके दीवाने है




“जब चारों और अँधेरा हो,”
तुम श्याम” का दीप जला लेना!
“जब गमों ने तुमको घेरा हो,
तुम हाल “श्याम” को सुना देना!
“जब दुनिया तुमसे मुँह मोड़े,
तुम अपने “श्याम” को मना लेना!
“जब अपने तुमको ठुकरा दें,
तुम “श्याम” के दर को अपना लेना!
“जब कोई तुमको रुलाये तो,
तुम “श्याम” के गीत गुनगुना लेना!
“श्याम” करुणा का सागर है,
तुम उसमें डुबकी लगा लेना…!?
जिन्दगी दो पल की❣
? राधे राधे बोलते रहिये?

 

https://i2.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/radhe-krishna.jpg?fit=480%2C480https://i2.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/06/radhe-krishna.jpg?resize=150%2C150adminश्याम शायरी#quotation,#quotes in hindi,#shyam baba ki shayari,#shyam Baba Quotation,#shyam_baba_status,shri shyam baba quotes,shyam baba ki shayari in hindi,shyam baba shayari'चूम 'लू उस' राह 'को जो तेरे 'दर' पे लेके जाती है। 'टेक 'लू' माथा 'उस हर 'मोड़' को जो तेरे 'दर 'का 'रास्ता' बताती 'है 'वार' दू अपनी 'जिंदगी 'उस धरती के 'फूलों 'पे जो अपनी ' खुश्बू' से मेरे 'श्याम' को 'महकाती' है कई देवता इस दुनिया में है...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara