मिश्री भी फीकी लगे अब, फीको गुड़ को स्वाद.!
” श्याम” से प्रीत हुई जबसे और चखों प्रेम को स्वाद !!

जय श्री श्याम

भाव भरे हों आँख में आँसू
दर्द भरा हो तराना
दीन दयालु रुक नहीं सकता
श्याम’ को पड़ता ही है आना




श्याम बाबा….
तेरी मस्ती की लहर मे हम बहते चले जायेंगे,
जो भी मिलेगा उससे जय श्री श्याम कहते चले जायेंगे,
दूनिया चाहे लाख बाधाएं डाले जीवन मे प्यारे,
तेरी मोहब्बत मे हम हर बाधा सहन करते चले जाएंगे,
??जय श्री श्याम??

छोटी उंगली पर पूरा गोवर्धन पर्वत उठाने वाले श्री कृष्ण…
बाँसुरी दोनों हाथों से पकड़ते है..

बस इतना ही अंतर है
पराक्रम और प्रेम में..!

इसलिए रिश्तो में पराक्रम नहीं प्रेम होना चाहिये।

 

https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/08/SHYAM-BABA-1.jpg?fit=480%2C480https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/08/SHYAM-BABA-1.jpg?resize=150%2C150adminश्याम शायरी#quotation,#quotes,#quotes in hindi,#shyam baba ki shayari,shri shyam baba quotes,shyam baba ki shayari in hindi,shyam baba quotes,shyam baba quotes in hindi,shyam baba shayariमिश्री भी फीकी लगे अब, फीको गुड़ को स्वाद.! ' श्याम' से प्रीत हुई जबसे और चखों प्रेम को स्वाद !! जय श्री श्याम भाव भरे हों आँख में आँसू दर्द भरा हो तराना दीन दयालु रुक नहीं सकता श्याम' को पड़ता ही है आना (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); श्याम...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara