स्मार्त संप्रदाय के अनुसार जन्माष्टमी 14 अगस्त को मनाई जाएगी तो वहीं वैष्णव संप्रदाय के 15 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा।  14 अगस्त को अष्टमी तिथि 19.45 (7.45p.m) पर आरंभ होगी और 15 अगस्त को 17.39 (5.39 p.m) तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र रहित होगी. 15 अगस्त शाम 5.39 बजे के बाद रोहिणी नक्षत्र समाप्त होगा, इसलिए 14 अगस्त को ही भक्त उपवास रखें. भाद्रपद अष्टमी पर 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. वहीं वैष्णवजन सूर्योदय तिथि अष्टमी वाले दिन यानि 15 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे.

जन्माष्टमी 2017
14 अगस्त
निशिथ पूजा: 12:03 से 12:47
निशिथ चरण के मध्यरात्रि के क्षण है: 12:25 बजे
15 अगस्त पराण: शाम 5:39 के बाद
अष्टमी तिथि समाप्त: 5:39

 

https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/08/janmashtami-wishes-facebook.jpg?fit=612%2C412https://i0.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2017/08/janmashtami-wishes-facebook.jpg?resize=150%2C150adminसूचना एवं कार्यक्रम#janmashtami_date,janmashtami 2017स्मार्त संप्रदाय के अनुसार जन्माष्टमी 14 अगस्त को मनाई जाएगी तो वहीं वैष्णव संप्रदाय के 15 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा।  14 अगस्त को अष्टमी तिथि 19.45 (7.45p.m) पर आरंभ होगी और 15 अगस्त को 17.39 (5.39 p.m) तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र रहित...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara