राधे राधे…..!!

हे मेरे श्याम ,
फ़रियाद तो वहाँ होती है
जहाँ ऐतबार न हो
मुझे तो यकीन है

तुम बिन कहे मेरे दिल की बात जान लेते हो
मत सोचना की शब्द कहाँ से लाता हूँ
खज़ाना है मेरे ठाकुर का जो सब पर लूटाता हूँ !!




“बाबा” तेरी भक्ति का, वर माँगते हैं,
झुके तेरे दर पे, ये सर माँगते हैं…!!

बुरे भाव से हम ना, देखें किसी को,
इन आँखों में तेरी, नज़र माँगते हैं…!!

ह्रदय में न चुभ जाए किसीके,
वाणी अपनी हर पल, मधुर माँगते हैं.!



मेरे श्याम का दीवाना, कोई ज्यादा कोई थोड़ा हैं ।
मगर हर प्रेमी की पुकार पे, ये लीले चढ़ कर दौड़ा हैं ।।
किये होंगे कुछ अच्छे करम …
जो ” बाबा श्याम ” का दरबार मिला है
शायद ” बाबा श्याम ” को पसन्द आई होगी कोई बात
जो ये “श्याम भक्तो ” का परिवार मिला है
???‍♂जय श्री श्याम??‍♂?

 

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