दीपों का त्योहार ‘दिवाली’ हिंदू धर्म में बड़ा त्योहार माना जाता है. कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाने वाला ये त्योहार इस साल 7 नवंबर को मनाया जाएगा. घर में सुख-शान्ति और धन-संपदा पाने के लिए इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है.

पुराणों के अनुसार, भगवान राम 14 बरस के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, जिसकी खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. इसी के बाद दिवाली त्योहार मनाया जाने लगा.

ऐसी भी मान्‍यता है कि भगवान कृष्ण ने इसी दिन नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था.

शुभ मुहूर्त:

1. प्रदोष काल का समय- 
सायं 17.27 से 20.05 तक। इस मुहूर्त में एक सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें स्थिर लग्न वृषभ भी मिल जाएगा। वृष और प्रदोष दोनों मिल जाने से ये दीपावली पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है।

2. वृष लग्न
दीपावली पूजन स्थिर लग्न वृष में भी किया जाता है। व्ययसाय से जुड़े लोग अपने प्रतिष्ठान में इसी समय पूजन करवाते हैं। वृष लग्न 17.14 से 19.50 तक रहेगा।

3. निशीथ काल
20.11 से 22.51 तक लगेगा। यह काल व्यापारियों के लिए बहुत अच्‍छा है। इसमें 19.09 से 20.52 तक पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त है।

4. महानिशीथ काल
23.14 से 24.06 तक। इसमें सिंह लग्न भी मिल जाएगा।

सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त- 
1. गृहस्थ प्रदोष काल में पूजन करें।
2. व्यापारी प्रदोष और वृष लग्न में दीपावली पूजन करें तो बेहतर है।
3. छात्र प्रदोष काल में पूजन करें।
4. आई टी, मीडिया, फ़िल्म, टी वी इंडस्ट्री, मैनेजमेंट और जॉब करने वाले शुक्र प्रधान लग्न वृष में पूजन करें।
5. सरकारी सेवा के लोग अधिकारी और न्यायिक सेवा के लोग भी वृष लग्न में ही पूजन करें।
6. तांत्रिक महानिशीथ काल में पूजन करें।

https://i1.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2018/11/diwali-muhurat.jpg?fit=308%2C164https://i1.wp.com/www.shyamsakha.in/wp-content/uploads/2018/11/diwali-muhurat.jpg?resize=150%2C150adminसूचना एवं कार्यक्रमदीपों का त्योहार 'दिवाली' हिंदू धर्म में बड़ा त्योहार माना जाता है. कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाया जाने वाला ये त्योहार इस साल 7 नवंबर को मनाया जाएगा. घर में सुख-शान्ति और धन-संपदा पाने के लिए इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. पुराणों...Hare Ka Sahara, Baba Syam Hamara